सामान्य प्रश्न

साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल का उद्देश्‍य क्‍या है ?

यह पोर्टल, पीडितों/ शिकायतकर्ता को ऑनलाइन साइबर अपराध शिकायतों की सूचना देने की सुविधा प्रदान करने हेतु भारत सरकार की एक पहल है। यह पोर्टल, ऑन लाइन बाल-अश्‍लीलता, बाल यौन शोषण कंटेंट अथवा यौनोत्‍तेजक कंटेंट जैसे बलात्‍कार/सामूहिक बलात्‍कार के अंश तथा अन्‍य साइबर अपराध जैसे मोबाइल अपराध, आनलाइन एवं सोशल मीडिया अपराध, ऑनलाइन वित्‍तीय धोखाधड़ी, रैंसमवेअर, हैकिंग, क्रिप्‍टोकरेंसी अपराध तथा ऑनलाईन साइबर दुर्व्‍यापार से संबंधित शिकायतों को व्‍यवस्थित करता है।

यह पोर्टल, ऑनलाइन बाल-अश्‍लीलता अथवा यौनोत्‍तेजक कंटेंट जैसे बलात्‍कार/सामूहिक बलात्‍कार संबंधी कंटेंट की रिपोर्टिंग हेतु गुमनाम शिकायत करने का एक विकल्‍प भी मुहैया कराता है।

सीएसएएम क्‍या है?

बाल यौन शोषण कंटेंट का तात्‍पर्य उस कंटेंट से है जिसमें किसी बच्‍चे, जिसके साथ दुर्व्‍यवहार किया गया है अथवा जिसका यौन शोषण किया गया है, का किसी भी रूप में यौनाचार संबंधी चित्र समाहित हो। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 (ख) में यह उल्‍लेख है कि “बच्‍चों को यौनाचार के सुस्‍पष्‍ट कृत्‍य आदि के साथ दर्शाती कंटेंट का इलेक्‍ट्रॅानिक्‍स प्रारूप में प्रकाशन अथवा इसका पारेषण दण्‍डनीय है”।

इस पोर्टल के अलावा, सोशल मीडिया वेबसाइटों से आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने के लिए क्‍या कोई और विकल्‍प मौजूद है?

जी हां, अधिकांश सोशल मीडिया वेबसाइटों जैसे-फेसबुक, यू-ट्यूब, ट्विटर और इंस्‍टाग्राम आदि पर आपत्तिजनक कंटेंट की रिपोर्टिंग अथवा फ्लैगिंग करने का विकल्‍प होता है। सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म्‍स अपनी-अपनी विषयगत नीति (कंटेंट पॉलिसी) के अनुसार उन्‍हें सूचित कंटेंट (विषयों) के आधार पर समुचित कार्रवाई कर सकते हैं।

इस पोर्टल पर मैं किस प्रकार के साइबर अपराध की सूचना दे सकता हॅू?

इस पोर्टल पर साइबर अपराधों की सूचना देने के लिए दो विकल्‍प उपलब्‍ध हैं:

महिलाओं/बच्‍चों से जुड़ी अपराध सूचना – इस खण्‍ड के तहत आप बाल-अश्‍लीलता, बाल यौन शोषण कंटेंट अथवा यौनाचार स्‍पष्‍ट अंश जैसे बलात्‍कार/सामूहिक बलात्‍कार के कंटेंट से संबंधित शिकायतों की सूचना दे सकते हैं।

अन्‍य साइबर अपराधों की सूचना-इस विकल्‍प के तहत आप मोबाइल क्राइम्‍स, ऑनलाइन एवं सोशल मीडिया क्राइम्‍स, ऑनलाइन वित्‍तीय धोखाधड़ी, रैंसमवेअर, हैकिंग, क्रिप्‍टोकरेंसी क्राइम्‍स और ऑनलाइन साइबर दुर्व्‍यापार जैसे साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों की सूचना दे सकते हैं।

मुझे अपनी शिकायत की सूचना देने के लिए किस प्रकार की सूचना मुहैया करानी होगी?

www.cybercrime.gov.in पर कोई भी रिपोर्ट दर्ज करने के दो विकल्‍प है: (i) महिलाओं/बच्‍चों से जुडे अपराध की सूचना और (ii) अन्‍य साइबर अपराधों की सूचना। “महिलाओं/बच्‍चों से जुड़े अपराध की सूचना” के मामले में अपनी शिकायत दर्ज कराने के दो तरीके हैं:

  • क) गुमनाम सूचना – आप ऑनलाइन बाल अश्‍लीलता/बलात्‍कार अथवा सामूहिक बलात्‍कार के कंटेंट से जुडे़ अपराधों की सूचना अपना नाम गुप्‍त रखते हुए कर सकते हैं। आपको कोई निजी सूचना मुहैया कराने की आवश्‍यकता नही हैं। तथापि, पुलिस प्राधिकारियों द्वारा आवश्‍यक कार्रवाई किए जाने के लिए शिकायत से जुड़ी सूचना सटीक और पूरी होनी चाहिए।.

  • ख) रिपोर्ट एवं ट्रैक- इस विकल्‍प के तहत लाल तारक (*) से चिन्हित फिल्ड अनिवार्य है। यह महत्‍वपूर्ण है कि पुलिस प्राधिकारियों को शिकायत से जुड़ी सटीक एवं पूरी सूचना प्राप्‍त हो। इसलिए, आपको अपेक्षित सूचना जैसे- अपना नाम, फोन नंबर, ई-मेल पता, शिकायत का ब्‍यौरा तथा शिकायत के समर्थन में आवश्‍यक सूचना मुहैया करानी चाहिए।

शुरूआत में, आपको अपने नाम और वैध भारतीय मोबाइल नंबर का उपयोग करते हुए स्‍वयं को पंजीकृत कराना आवश्‍यक है, आपको आपके मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्‍त होगा। यह ओटीपी केवल 30 मिनट तक मान्‍य रहता है। जैसे ही आप पोर्टल पर सफलतापूर्वक अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत करा लेते हैं, आप शिकायत की रिपोर्ट करने के लिए सक्षम हो जाएंगे।

आप अन्‍य साइबर अपराधों जैसे- मोबाइल क्राइम्‍स, ऑनलाइन एंड सोशल मीडिया क्राइम्‍स, आनलाइन वित्‍तीय धोखाधड़ी, रैंसमवेअर, हैकिंग, क्रिप्‍टोकरेंसी क्राइम्‍स तथा ऑनलाइन साइबर दुर्व्‍यापार की सूचना देने हेतु इस पोर्टल पर उपलब्‍ध “रिपोर्ट अदर साइबर क्राइम्‍स” विकल्‍प का प्रयोग कर सकते हैं। आपको अपने नाम और वैध भारतीय मोबाइल नंबर का उपयोग करते हुए स्वयं को पंजीकृत कराना आवश्‍यक है। आपको आपके मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्‍त होगा। यह ओटीपी केवल 30 मिनट तक मान्‍य रहता है। जैसे ही आप पोर्टल पर सफलतापूर्वक अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत करा लेते हैं, आप समुचित श्रेणी का चयन करते हुए शिकायत की रिपोर्ट करने के लिए सक्षम हो जाएंगे।

किसी शिकायत की सूचना देते समय मुझे किस राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र का चयन करना चाहिए?

“गुप्‍त नाम से रिपोर्ट” के विकल्‍प का प्रयोग करते हुए “महिलाओं/बच्‍चों से जुडे अपराध की रिपोर्ट” खण्‍ड के तहत कोई शिकायत दर्ज कराने के मामले में पीडि़त के अवस्‍थान/राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र, जहां उक्‍त घटना घटित हुई हो, का चयन किया जाना चाहिए। यदि यह बाल अश्‍लीलता/बलात्‍कार अथवा सामूहिक बलात्‍कार सामाग्री का प्रसार करने वाली वेबसाइट से संबंधित रिपोर्ट है, तो शिकायतकर्ता अपने राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र का चयन कर सकते हैं।

एक जिम्‍मेदार नागरिक होने के नाते, आपको अपराध की रिपोर्टिंग के लिए रिपोर्ट एवं ट्रैक विकल्‍प का प्रयोग करना चाहिए, क्‍योंकि इससे आगे के विवरण प्राप्‍त करने के लिए विधि प्रवर्तन एजेंसियों को आपसे संपर्क करने में मदद मिलेगी।

अन्‍य साइबर अपराधों के बारे में मैं किस प्रकार शिकायतें दायर कर सकता हूं?

अन्‍य साइबर अपराधों के मामले में, आप “रिपोर्ट अदर साइबरक्राइम्‍स” खण्‍ड का विकल्‍प चुन सकते हैं। आपको अपने नाम और वैध मोबाइल नंबर का उपयोग करते हुए स्‍वयं को पंजीकृत कराना आवश्‍यक है। आपको आपके मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्‍त होगा। यह ओटीपी केवल 30 मिनट तक मान्‍य होगा। जैसे ही आप पोर्टल पर सफलतापूर्वक अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत करा लेते हैं, आप समुचित श्रेणी एवं उप श्रेणी का चयन करके शिकायत की रिपोर्ट करने के लिए सक्षम हो जाएंगे।

इस खण्‍ड के तहत, लाल तारक (*) से चिन्हित फिल्ड अनिवार्य है। यह महत्‍वपूर्ण है कि पुलिस प्राधिकारियों को शिकायत से जुड़ी सटीक एवं पूरी सूचना प्राप्‍त हो। इसलिए, आपको अपेक्षित सूचना जैसे- अपना नाम, फोन नंबर, ई-मेल पता, शिकायत का ब्‍यौरा तथा शिकायत के समर्थन में आवश्‍यक सूचना मुहैया करानी चाहिए।

साइबर अपराध से जुडी अपनी शिकायत दायर करते समय किस प्रकार की सूचना को साक्ष्‍य स्‍वरूप माना जाएगा?

आपकी शिकायत से जुड़ा कोई भी साक्ष्‍य, जो आपके पास हो, महत्‍वपूर्ण है। साक्ष्‍य में निम्‍नलिखित शामिल किया जा सकता है:

  • क्रेडिट कार्ड रसीद

  • बैंक स्टेटमेंट

  • लिफाफा (प्राप्‍त पत्र अथवा मेल/ कुरिअर के माध्‍यम से कोई वस्तु प्राप्‍त हुआ हो)

  • ब्रोशर/पैम्‍फलेट

  • आनलाइन धन-अंतरण की रसीद

  • ई-मेल की प्रति

  • वेबपेज का यूआरएल

  • बातचीत की प्रतिलेख

  • संदिग्‍ध मोबाइल नंबर स्‍क्रीनशॉट

  • वीडियो

  • चित्र

  • किसी प्रकार के दस्‍तावेज

यदि शिकायतकर्ता कोई झूठी शिकायत/सूचना की रिपोर्ट देता है, तो क्‍या कार्रवाई की जाएगी?

झूठी शिकायत देने से शिकायतकर्ता भारतीय कानून के अनुसार दांडिक कार्रवाई का भागी होगा।.

क्‍या मैं कोई सूचना अपलोड किए बिना किसी शिकायत की रिपोर्ट कर सकता हॅू?

इसकी सलाह दी जाती है कि, आप शिकायत के बारे में जितनी अधिक सूचना संभव हो, मुहैया कराएं, ताकि शिकायत पर कार्य कर रहे पुलिस अधिकारी समुचित एवं शीघ्र कार्रवाई करने में सक्षम हो सकें।

मेरे द्वारा शिकायत की सूचना दिए जाने के बाद क्‍या होगा?

शिकायत की रिपोर्ट करते समय आपके द्वारा किए गए राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र के चयन के आधार पर संबंधित राज्‍य/संघ एक क्षेत्र के पुलिस प्राधिकारियों द्वारा पोर्टल पर रिपोर्ट की गई शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी।.

क्‍या मुझे इस बारे में सूचित किया जाएगा कि मेरी शिकायत सफलतापूर्वक दर्ज हो गई है?

जी हां, जैसे ही आपकी शिकायत दर्ज की जाती है, आपको पोर्टल ही पर एक पुष्टिकरण संदेश प्राप्‍त हो जाएगा। यदि आपने पोर्टल पर उपलब्‍ध “रिपोर्ट एवं ट्रैक” विकल्‍प अथवा “रिपोर्ट अदर साइबर क्राइम” खण्‍ड के माध्‍यम से शिकायत दायर की है, तो आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर और मुहैया कराए गए ईमेल आईडी पर आपको एक शिकायत-संदर्भ-संख्‍या सहित एक एसएमएस और एक ई-मेल प्राप्‍त होगा।

क्‍या मैं अपनी शिकायत के स्‍टेटस की जांच कर सकता हॅू?

यदि आपने पोर्टल पर उपलब्‍ध ‘रिपोर्ट एवं ट्रैक’ विकल्‍प अथवा ‘रिपोर्ट अदर साइबर क्राइम’ खण्‍ड का प्रयोग करके शिकायत की सूचना भेजी है, तो आप अपनी शिकायत के स्‍टेटस की जांच कर सकेंगे। शिकायतकर्ता को एक शिकायत संदर्भ संख्‍या प्राप्‍त होगी, जिसे पोर्टल पर लॉगिंग करके तथा ‘चेक स्‍टेटस’ आप्‍शन को क्लिक करके शिकायत की प्रगति जानने के लिए इस्‍तेमाल किया जा सकता है।

क्‍या मैं पोर्टल पर दायर की गई अपनी शिकायत को निरस्‍त कर सकता हॅू?

महिला/बाल सम्‍बद्ध अपराध रिपोर्ट खण्‍ड के तहत दायर की गई किसी भी शिकायत को निरस्‍त नहीं किया जा सकता है। रिपोर्ट अदर साइबर क्राइम खण्‍ड के तहत दायर की गई शिकायत को FIR(प्राथमिकी) में तब्दील होने से पहले तक निरस्‍त किया जा सकता है।

हैश वैल्‍यू क्‍या है और इसका उद्देश्‍य क्‍या है?

हैश वैल्‍यू एक निर्धारित लंबाई का अल्‍फा संख्‍यात्‍मक मान है जो अनोखे ढंग से डाटा (उदाहरण के लिए 00800fc577294c34e0b28ad2839435945) की पहचान करता है। हैश वैल्‍यू किसी डिजिटल फाइल, जिसे आप पोर्टल में साक्ष्‍य (अर्थात चित्र, वीडियो, दस्‍तावेज आदि) के रूप में अपलोड करते हैं, के एक अनोखे फिंगर प्रिंट/संख्‍या के रूप में कार्य करता है। आपको प्राप्‍त हैश वैल्‍यू से पोर्टल पर अपलोड किए गए डिजिटल साक्ष्‍य की सत्‍यनिष्‍ठा की परख सुनिश्चित होगी।

यदि मै एक भारतीय नागरिक हॅू लेकिन किसी विदेशी राष्‍ट्रीय अथवा कंपनी द्वारा ऑनलाइन/ इन-साइबर स्‍पेस का शिकार हुआ हॅू, तो क्‍या मैं शिकायत दायर कर सकता हॅू?

जी हां, आप पोर्टल पर साइबर अपराध से संबद्ध शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

यदि मैं भारत में किसी व्‍यक्ति अथवा कंपनी द्वारा ऑनलाइन/ इन साइबर स्‍पेस का शिकार हुआ हॅू, तो क्‍या मैं शिकायत दायर कर सकता हॅू, लेकिन मैं भारत का नागरिक नहीं हॅू?

जी हां, आप साइबर अपराध से संबंधित शिकायत की रिपोर्टिंग करने के समुचित खण्‍ड और विकल्‍प का चुनाव करके पोर्टल पर शिकायत पंजीकृत करा सकते हैं।:

महिला/बाल संबद्ध अपराध की रिपोर्ट - इस खण्‍ड के तहत आप आनलाइन अश्‍लीलता, बाल यौन शोषण कंटेंट अथवा यौनोत्‍तेजक‍ कंटेंट जैसे बलात्‍कार/सामूहिक बलात्‍कार की कंटेंट से संबंधित शिकायतों की रिपोर्ट कर सकते हैं। इस खण्‍ड के तहत शिकायत पंजीकृत कराने हेतु निम्‍नलिखित विकल्‍प हैं:

  • गुमनाम रिपोर्ट - आप नाम का खुलासा किए बिना ऑनलाइन बाल अश्‍लीलता/बलात्‍कार अथवा सामूहिक बलात्‍कार कंटेंट/विषयवस्‍तु से संबंधित अपराधों की रिपोर्ट कर सकते हैं। आपको कोई निजी जानकारी मुहैया कराने की आवश्‍यकता नहीं है। तथापि, पुलिस प्राधिकारियों द्वारा आवश्‍यक कार्रवाई करने के लिए उक्‍त शिकायत से संबद्ध सूचना यथार्थ एवं पूरी होनी चाहिए।.

  • रिपोर्ट एवं ट्रैक – इस विकल्‍प के तहत आपको अपने नाम और वैध भारतीय मोबाइल नंबर का उपयोग करते हुए स्‍वयं को पंजीकृत कराना आवश्‍यक है। आपको आपके मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्‍त होगा। यह ओटीपी केवल 30 मिनट तक मान्‍य होगा। जैसे ही आप पोर्टल पर सफलतापूर्वक अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत करा लेते हैं, आप शिकायत की रिपोर्ट करने हेतु सक्षम हो जाएंगे।

रिपोर्ट अदर साइबरक्राइम्‍स – इस खण्‍ड के तहत आप मोबाइल क्राइम्‍स, आनलाइन एवं सोशल मीडिया क्राइम्‍स, ऑनलाइन एवं सोशल मीडिया क्राइम्‍स, ऑनलाइन वित्‍तीय धोखाधडी, रैंसमवेअर, हैकिंग, किप्‍टोकरेंसी क्राइम्‍स और ऑनलाइन साइबर दुर्व्‍यापार जैसे साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों की सूचना दे सकते हैं। आपको अपने नाम और वैध भारतीय मोबाइल नंबर का उपयोग करते हुए स्‍वयं को पंजीकृत कराना आवश्‍यक है। आपको आपके मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) प्राप्‍त होगा। यह ओटीपी केवल 30 मिनट तक मान्‍य होगा। जैसे ही आप पोर्टल पर सफलतापूर्वक अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत करा लेते हैं, आप शिकायत की रिपोर्ट करने हेतु सक्षम हो जाएंगे।